Tuesday, October 5, 2010

देव आओ पर पहले बताओ

देव आओ, पर पहले बताओ
कौन तुम हो, देव क्यों हो ?
छाया हो या स्तंभ तुम हो ?
घेरे हो सृष्टि, वो आवरण तुम हो?
क्या सृष्टि से परे एक आश्चर्य तुम हो?
या सव्यम्भू सृष्टि तुम हो ?

देव आओ, पर पहले बताओ
क्या तुम अखंडित आत्मा हो?
क्या तुम अनश्वर चेतना हो?
प्रश्न हो या जवाब तुम हो?
मेरी गुत्थी पहले सुलझाओ

देव आओ पर पहले बताओ
उतरो जेहन में, मैं स्वागतातुर हूँ ।
खेलो हृदय में, मैं पुलकित मन हूँ ।
गाओ यहीं चाहे वीणा बजाओ ।
स्वर बनूँगा तुम राग लाओ।

देव आओ पर पहले बताओ॥

2 comments:

  1. ye aapne likhe hai than its really good aur kahi se copy hai to its really best

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