हर पल एक कसक सी जागती है
ये किस्मत उस पल को कहा ले भागती है
बीते पलों को याद किया करता हूँ
आने वाले पलों के सपने बुना करता हूँ
फिर कभी हँसता हूँ तो कभी रोया करता हूँ
क्या पता किस पल मैं मौत आती है
इंसान के इरादों को झोंक चली जाती है
सीख रहा हूँ कुछ इस पल में जीना
इस पल में हँसना इस पल में खिलना
इस पल में करता हूँ इस पल में पाता हूँ
इस पल में सपनों को साकार बनाता हूँ
इस पल में तुष्टि है इस पल में सृष्टि है
ये पल ही जीवन में खुशियों की घुट्टी है.