Wednesday, August 10, 2011

हर पल एक कसक सी जागती है 
ये किस्मत उस पल को कहा ले भागती है

बीते पलों को याद किया करता हूँ 
आने वाले पलों के सपने बुना करता हूँ
फिर कभी हँसता हूँ तो कभी रोया करता हूँ
क्या पता किस पल मैं मौत आती है 
इंसान के इरादों को झोंक चली जाती है

सीख रहा हूँ कुछ इस पल में जीना 
इस पल में हँसना इस पल में खिलना 
इस पल में करता हूँ इस पल में पाता हूँ
इस पल में सपनों को साकार बनाता हूँ
इस पल में तुष्टि है इस पल में सृष्टि है
ये पल ही जीवन में खुशियों की घुट्टी है.